वित्त मंत्री की चार यूनियनों के साथ बैठक, अफसरों को जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष के तौर पर, मंगलवार को चार कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं।
अपने ऑफ़िस में हुई बैठकों के दौरान चारों कर्मचारी यूनियनों की ओर से सौंपे गए मांग पत्रों की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “कर्मचारियों की सभी जायज़ मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक और तेज़ी से कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को समय पर राहत पहुँचाने के लिए, पहले से विचाराधीन मामलों की प्रशासनिक प्रक्रिया में तेज़ी लाई जाए।
इन बैठकों में कोविड-19 मेडिकल और पैरामेडिकल वॉलंटियर यूनियन, जलापूर्ति और स्वच्छता सामाजिक कर्मचारी यूनियन, सर्व (समग्र) शिक्षा अभियान मिड-डे मील कार्यालय कर्मचारी यूनियन और एसोसिएट प्री-प्राइमरी शिक्षक यूनियन के नेताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
वित्त मंत्री ने चारों यूनियनों के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों के असाधारण योगदान की बहुत सराहना करती है।” उन्होंने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे जायज़ मांगों को पूरा करने में किसी भी तरह की अनावश्यक प्रक्रियात्मक देरी न करें और कहा, “फिलहाल विचाराधीन सभी प्रस्तावों को व्यवस्थित किया जाए और एक स्पष्ट, समय-सीमा वाले ढांचे के भीतर कैबिनेट उप-समिति के समक्ष लाया जाए।” वित्त मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन बैठकों का मकसद राज्य सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच सुचारू, फ़ायदेमंद और पारदर्शी संबंध बनाए रखना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *