10वीं कक्षा के टापर्स से मिले मुख्यमंत्री मान, तीनों विद्यार्थियों को किया सम्मानित
- जैतों की हरलीन 650 में 646, रूपनगर के मनी महेश ने 645 और होशियारपुर की रीया ने 645 अंक लेकर पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया
- 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 2,54,744 छात्र सफल हुए, जिनमें 95.96 फीसदी लड़कियां और 93.23 फीसदी लड़के शामिल
- मेरिट सूची में कुल 272 छात्र, इनमें सरकारी स्कूलों के 88 विद्यार्थी, 1688 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 100 फीसदी
- अमृतसर जिले में सबसे अधिक 98.41 प्रतिशत बच्चे पास, लुधियाना जिले ने सबसे अधिक मेरिट पोजीशनें हासिल की
चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मंगलवार को घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों में प्रभावशाली 94.52 प्रतिशत बच्चे पास हुए, जिनमें एक बार फिर लड़कियों का दबदबा रहा। वहीं मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या में सराहनीय रही है। इस परीक्षा में कुल 2,69,505 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए। लड़कियों ने 95.96 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 रहा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को 10वीं कक्षा के नतीजों में पहले तीन स्थान हासिल करने वाले तीन विद्यार्थियों को पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ का सबूत बताते हुए कहा कि पंजाब के बच्चों में अथाह प्रतिभा है और अब उन्हें देश के सबसे बेहतरीन विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचा मिल रहा है। विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन विद्यार्थियों- हरलीन शर्मा, मनीमहेश शर्मा और रिया रानी ने क्रमशः 99.38 प्रतिशत, 99.23 प्रतिशत और 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इन विद्यार्थियों ने मेहनत, लगन और दृढ़ इरादे से यह सफलता हासिल की है। विद्यार्थी, उनके माता-पिता और शिक्षक इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।” मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तीनों विद्यार्थी अपनी पसंद की किसी भी स्ट्रीम में स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए प्रशंसा स्वरूप 50,000 रुपए के चेक भी सौंपे। इस मौके पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की सफलता के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार के सतत प्रयासों से पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए और शिक्षकों को बेहतरीन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। ये सुधार अब प्रत्यक्ष नतीजे दे रहे हैं और पंजाब स्कूली शिक्षा में अग्रणी के रूप में उभर रहा है।”
