हिमाचल में शिक्षक पुरस्कार नीति के तहत बढ़ी इनाम राशि

मंत्रिमंडल ने कार्यरत पीजी विद्यार्थियों का स्टाइपेंड भी बढ़ाया
नंबरदारों का मानदेय 500, आशा वर्करों का 1000 रुपये बढ़ा
शिमला व टांडा के मेडिकल कालेजों में शुरु होंगे नए पाठ्यक्रम
नादौन के धनेटा में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
पीडब्ल्यूडी के 900 फील्ड जेई को प्रति माह 1000 रुपये विशेष भत्ता
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय
कोल्ड स्टोरेज इकाइयों के लिए 70 फीसदी अनुदान देने का फैसला

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, जहां मेडिकल
एजुकेशन विभाग में कार्यरत पीजी विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में 10-15 हजार रुपये का इजाफा कर दिया, वहीं शिक्षक पुरस्कार नीति के
तहत अब राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 60 हजार की बजाए डेढ़ लाख व राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 40 हजार की बजाए एक लाख
रुपये की नकद राशि मिलेगी। मंत्रिमंडल ने नंबरदारों के मासिक मानदेय में 500 और आशा वर्करों के मासिक मानदेय में 1000 रुपये के इजाफे
के फैसले को भी मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम एम.सीएच. तथा डीआरएनबी योग्यता प्राप्त
सुपर-स्पेशियलिटी संकाय सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) प्रदान करने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 40,000 रुपये के स्थान पर 50,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 45,000
रुपये के स्थान पर 60,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को 50,000 रुपये के स्थान पर 65,000 रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड मिलेगा।
बैठक में शिक्षक पुरस्कार नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दिए जाने वाले नकद पुरस्कार में उल्लेखनीय वृद्धि को
स्वीकृति दी गई। अब राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 60,000 के स्थान पर 1.50 लाख रुपये जबकि राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 40,000
के स्थान पर एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दिए जाने का भी निर्णय
लिया गया।
बैठक में नंबरदारों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि कर 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह करने को भी स्वीकृति प्रदान की
गई।
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय को प्रथम अप्रैल, 2026 से 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800
रुपये करने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में बी.एससी. मेडिकल
टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) तथा बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठयक्रम आरंभ करने को स्वीकृति दी। दोनों संस्थानों
में प्रत्येक पाठयक्रम के लिए प्रतिवर्ष 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्नातकोत्तर/सुपर स्पेशियलिटी (पीजी/एसएस) नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधित नीति
के अनुसार स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद जनरल डयूटी ऑफिसर्स (जीडीओ) तथा डायरेक्ट अभ्यर्थी यदि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ
मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस), चमियाना में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में अथवा आईजीएमसी शिमला को छोड़कर अन्य किसी
भी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञता में सेवाएं देते हैं, तो उन्हें अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट प्रदान की जाएगी।
एआईएमएसएस चमियाना तथा अन्य राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञता के अंतर्गत दी गई सेवाओं को फील्ड
पोस्टिंग के रूप में मान्यता दी जाएगी। यह व्यवस्था आगामी छह वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
मंत्रिमंडल ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी, क्षेत्रीय
अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल घवांडल तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाना, शिमला में स्थापित किए जा
रहे पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए उपकरणों की खरीद एवं आपूर्ति को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में जिला हमीरपुर के नादौन क्षेत्र के धनेटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 75
एकड़ की भूमि चिन्हित की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने 31 अगस्त, 2022 से 31 मार्च, 2026 के मध्य 12 वर्ष अथवा उससे अधिक की निरंतर सेवा पूर्ण कर चुके अंशकालिक पंचायत
चौकीदारों को वर्तमान निश्चित मासिक मानदेय के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखने का निर्णय लिया।
इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग के फील्ड जूनियर इंजीनियरों को वर्क्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन
के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियर लाभान्वित होंगे।
मंत्रिमंडल ने लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग डिविजन नम्बर-2 को बिलासपुर से जिला बिलासपुर के
जगातखाना स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
बैठक में सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को स्वीकृति प्रदान की गई। इस नीति का उद्देश्य नई सड़क परियोजनाओं और सड़कों पर होने वाली
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क दुर्घटना की संभावनाओं में कमी लाना है।
मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान पर मछुआरों के लिए मछली
पकड़ने वाली नौकाओं की खरीद एवं वितरण को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कास्ट नेट
तथा गिल नेट सहित रियायती फिशिंग गियर उपकरणों के वितरण के लिए 90 प्रतिशत अनुदान वाली योजना को डीबीटी के माध्यम से स्वीकृति
प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिसके तहत पात्र जलाशय मछुआरा परिवारों को वार्षिक
रूप से मछली पकड़ने के प्रतिबंधित मौसम के दौरान 3,500 रुपये वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने फसलोपरांत अवसंरचना एवं कोल्ड चेन सुविधाओं के विकास का भी निर्णय लिया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों के लिए 20
कोल्ड स्टोरेज इकाइयों (प्रत्येक 5 मीट्रिक टन क्षमता), 10 फ्रीज़-ड्राई इकाइयों तथा 20 रेफ्रिजरेटेड वाहनों के लिए डीबीटी के माध्यम से 70
प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा निजी डेवलपर के सहयोग से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल
के तहत शिमला के विकासनगर में एक बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर विकसित करने को भी मंजूरी दी गई।

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