चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विंग) की राज्य स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को पंजाब भवन चंडीगढ़ में प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन प्रो. इमैनुएल नाहर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय, सुरक्षा, आर्थिक विकास तथा वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पंजाब अल्पसंख्यक विभाग की प्रभारी मीनाक्षी सिंह, प्रभारी सरदार जसविंदर सिंह ‘विक्की’ और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी वीरेंद्र दलवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नेताओं ने अपने संबोधन में कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों से ईसाई, मुस्लिम, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रो. इमैनुएल नाहर ने दिल्ली में अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसका अल्पसंख्यक विभाग छात्रों के साथ खड़ा है तथा केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर अल्पसंख्यक समुदायों के लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण तथा सामाजिक विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अल्पसंख्यक समुदायों की प्रमुख मांगों, जैसे कब्रिस्तानों के लिए भूमि आवंटन, छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, सुरक्षा की गारंटी तथा आर्थिक कल्याण के लिए विशेष पैकेज को 2027 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
