चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शौर्य चक्र विजेता और आतंकवाद विरोधी कार्यकर्ता बलविंदर सिंह संधू की हत्या की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा की जा रही है, के मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति अर्चना पुरी और न्यायमूर्ति रमेश कुमारी की खंडपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की ओर संकेत करती है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ ऐसे पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जिनसे यह माना जा सकता है कि उसके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सत्य हैं। न्यायालय ने विशेष रूप से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 43डी(5) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रावधान के तहत जमानत देने के लिए कड़े मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपी की कथित भूमिका को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन द्वारा समर्थित गतिविधियों से जोड़ते हैं। अदालत के अनुसार, मामला देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए आरोपों की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
