चंडीगढ़। चंडीगढ़ की बापू धाम कॉलोनी से पशु क्रूरता का एक घिनौना मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने 15-16 मई की रात करीब 1.40 बजे एक ढाबे के बाहर जलते हुए तंदूर में एक पिल्ले को जिंदा फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस के शिकायत देने वाले व्यक्ति ने पिल्ले को तंदूर से निकालने और बचाने की कोशिश की लेकिन वह असफल रहा। चंडीगढ़ पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश शुरु कर दी गई है। इस बीच घटना के करीब एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी व्यक्ति पिल्ले को गोद में उठाए आता हुआ दिखाई दे रहा है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को “बर्बर” करार देते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
स्थानीय निवासी संजय कुमार की शिकायत के बाद, चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(एल) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 325 के तहत एफआईआर दर्ज की है। संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि वह सेक्टर-26 सब्जी मंडी में मजदूर के तौर पर काम करता है और घटना की रात काम के बाद घर लौट रहा था। तभी उसने संपर्क केंद्र के पास एक अज्ञात व्यक्ति को एक पिल्ला ले जाते हुए देखा। जैसे ही वह व्यक्ति ढाबे के बाहर पहुंचा, उसने पिल्ले को गर्म तंदूर में फेंक दिया और मौके से भाग गया। संजय ने पुलिस को बताया कि वह तुरंत तंदूर की ओर दौड़ा और बड़ी मुश्किल से पिल्ले को बाहर तो निकाल लिया लेकिन तब तक पिल्ले की सांस रुक चुकी थी और वह मर चुका था। इसके बाद संजय ने बापूधाम कालोनी में सुखना चौ के निकट उस पिल्ले को दफना दिया। संजय ने यह भी दावा किया कि अगर वह व्यक्ति उसके सामने आ जाए तो वह उसे पहचान लेगा। संजय की शिकायत के आधार पर बापूधाम थाना पुलिस ने एफआईआर (संख्या 58, दिनांक 16 मई) दर्ज कर ली है।
इस बीच, चंडीगढ़ में पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की ओर से कहा गया है कि उनका संगठन पुलिस के साथ मिलकर अपराधी की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य कृत्य में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक लेकर जाएंगे और आरोपियों को बरी नहीं होने देंगे।
