आयोग को भ्रष्टाचार का अड्डा और गैर-सरकारी तत्वों का समूह बताया
चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को दरकिनार करके और कानूनी ढांचे को ध्वस्त करके यह संस्था राज्य को लूटने का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने इसे “पंजाब में भ्रष्टाचार का अड्डा” और “गैर-सरकारी तत्वों” का समूह करार दिया, जो कथित तौर पर राज्य के शासन ढांचे को कमजोर करते हुए पंजाब को लूट रहे हैं।
कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “पंजाब को अरविंद केजरीवाल के पास गिरवी रख दिया है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने आगे पंजाब को लूटने का काम आयोग में अपने नियुक्त व्यक्तियों को आउटसोर्स कर दिया है, जिन्हें राज्य के खजाने से ही मोटी तनख्वाहें भी दी जा रही हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार को एक “कॉरपोरेशन” में बदलने का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने कहा कि केजरीवाल इसके चेयरमैन और मनीष सिसोदिया इसके सीईओ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने कम से कम समय में पंजाब की अधिक से अधिक लूट की योजना बनाने के लिए यह आयोग गठित किया है, जिसे उन्होंने “पंजाब में भ्रष्टाचार का अड्डा” कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब विकास आयोग के रूप में काम करने के बजाय यह “पंजाब को लूटने वाला आयोग” बन गया है।
जाखड़ ने दावा किया कि आयोग में नियुक्त व्यक्तियों को कुल मिलाकर लगभग 2 करोड़ रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आयोग में पंजाब की स्थानीय परिस्थितियों को समझने वाला एक भी पंजाबी सदस्य नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने न तो पंजाब के विधायकों और मंत्रियों से कोई ठोस बातचीत की है और न ही उनसे सलाह ली है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे विचार-विमर्श के बिना आयोग पंजाब के लिए सार्थक विकास योजनाएं कैसे तैयार कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें नियुक्त व्यक्तियों के पास बड़ी शैक्षणिक डिग्रियां हो सकती हैं, लेकिन आरोप लगाया कि उनकी नीयत पूरी तरह राज्य को लूटने पर केंद्रित है।
चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को दरकिनार करके और कानूनी ढांचे को ध्वस्त करके यह संस्था राज्य को लूटने का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने इसे “पंजाब में भ्रष्टाचार का अड्डा” और “गैर-सरकारी तत्वों” का समूह करार दिया, जो कथित तौर पर राज्य के शासन ढांचे को कमजोर करते हुए पंजाब को लूट रहे हैं।
कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “पंजाब को अरविंद केजरीवाल के पास गिरवी रख दिया है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने आगे पंजाब को लूटने का काम आयोग में अपने नियुक्त व्यक्तियों को आउटसोर्स कर दिया है, जिन्हें राज्य के खजाने से ही मोटी तनख्वाहें भी दी जा रही हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार को एक “कॉरपोरेशन” में बदलने का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने कहा कि केजरीवाल इसके चेयरमैन और मनीष सिसोदिया इसके सीईओ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने कम से कम समय में पंजाब की अधिक से अधिक लूट की योजना बनाने के लिए यह आयोग गठित किया है, जिसे उन्होंने “पंजाब में भ्रष्टाचार का अड्डा” कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब विकास आयोग के रूप में काम करने के बजाय यह “पंजाब को लूटने वाला आयोग” बन गया है।
जाखड़ ने दावा किया कि आयोग में नियुक्त व्यक्तियों को कुल मिलाकर लगभग 2 करोड़ रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आयोग में पंजाब की स्थानीय परिस्थितियों को समझने वाला एक भी पंजाबी सदस्य नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने न तो पंजाब के विधायकों और मंत्रियों से कोई ठोस बातचीत की है और न ही उनसे सलाह ली है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे विचार-विमर्श के बिना आयोग पंजाब के लिए सार्थक विकास योजनाएं कैसे तैयार कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें नियुक्त व्यक्तियों के पास बड़ी शैक्षणिक डिग्रियां हो सकती हैं, लेकिन आरोप लगाया कि उनकी नीयत पूरी तरह राज्य को लूटने पर केंद्रित है।
