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पानीपत के एसपी को इलेक्ट्रॉनिक सबूत तुरंत सुरक्षित रखने के निर्देश, गजटेड अधिकारी करेगा जांच
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मोहाली के एसएसपी को याची की सुरक्षा की समीक्षा करने का आदेशचंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील पर हुए फायरिंग हमले के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पानीपत के एसपी को महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने और जांच गजटेड अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मोहाली के एसएसपी को याचिकाकर्ता की सुरक्षा की समीक्षा कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।अधिवक्ता मैनुद्दीन खान की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि 17 जून 2026 को पानीपत जिले में यात्रा के दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनका रास्ता रोकने और उन पर गोली चलाई। वह हमले में बाल-बाल बच गए। घटना के संबंध में थाना समालखा में एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है।याचिका में कहा गया कि मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज, एएनपीआर रिकॉर्ड, फास्टैग डेटा, टोल प्लाजा फुटेज, मोबाइल टावर रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर निर्भर है। यदि इन साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित नहीं किया गया तो इनके नष्ट होने या ओवरराइट होने की आशंका है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।याचिकाकर्ता ने अदालत से अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संरक्षित करने तथा मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की थी। उनका कहना था कि जानलेवा हमले के बाद उन्हें अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। सुनवाई के बाद जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने पानीपत के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जांच में अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत हलफनामा अदालत में दाखिल किया जाए। अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी याचिकाकर्ता के खतरे के स्तर का आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच किसी गजटेड अधिकारी की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित हो सके। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को निर्धारित की है।
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