SIR प्रक्रिया में चड्ढा के नाम के आगे लिखा गया है- Permanently shifted
चंडीगढ़। पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की सदस्यता पर संकट गहराने लगा है। केजरीवाल का साथ छोड़कर BJP में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम पंजाब की SIR ड्राफ्ट लिस्ट से मोहाली के वोटर के तौर पर हटा दिया गया है। चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक, उनका नाम ASDD कैटेगरी (यानी अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हुए, मृत और डुप्लिकेट) में होने के कारण हटाया गया है। चड्ढा के नाम के आगे ‘हमेशा के लिए शिफ्ट हो गए’ (Permanently shifted) लिखा गया है।
हालांकि पंजाब में अभी SIR प्रक्रिया जारी है और आपत्तियों व दावों का निपटारा 12 सितंबर से 8 अक्तूबर तक किया जाएगा। लेकिन चूंकि राघव चड्ढा दिल्ली शिफ्ट हो चुके हैं और अगर उन्होंने अपना वोट पंजाब से शिफ्ट नहीं कराया है तो उन्हें मुश्किल आ सकती है। उनके लिए चिंताजनक यह है कि अगर वोटर लिस्ट से उनका नाम कट जाता है तो उनकी राज्यसभा सदस्यता भी जा सकती है क्योंकि नियमानुसार राज्यसभा सदस्य के लिए भारत का वोटर होना अनिवार्य शर्त है।
इस बीच, वीरवार को राघव चड्ढा ने वोटर सूची से अपना नाम काटे जाने के लिए पंजाब की आप सरकार को दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- पंजाब में AAP सरकार अब बदले की राजनीति को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची के मसौदे) तक ले आई है। मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सांसद हूँ और मेरा वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम “शिफ़्टेड” (यानी कहीं और चले जाने वाले व्यक्ति के तौर पर) दिखाया गया है। यह सिर्फ़ कोई क्लर्क की गलती नहीं लगती। यह साफ़ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है। मुझे ‘शिफ़्टेड’ (स्थानांतरित) के तौर पर किसने मार्क किया? AAP की पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने। उस क्लासिफ़िकेशन को किसने वेरिफ़ाई किया?
फिर से, AAP की पंजाब सरकार के ही एक अधिकारी ने। ऊपरी स्तर पर इसे किसने प्रोसेस किया? एक बार फिर, AAP की पंजाब सरकार के उसी अधिकारी ने।
SIR प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं : आप
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी का कहना है कि SIR प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। यह पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। चड्ढा का वोट मूल रूप से दिल्ली के राजिंदर नगर में रजिस्टर्ड था, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद इसे मोहाली में ट्रांसफर कर दिया गया था। चड्ढा ने 2024 के चुनावों के दौरान मोहाली में अपना वोट भी डाला था। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि चड्ढा अब इस मामले का दोष पार्टी और पंजाब सरकार पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि SIR प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा की जाती है, न कि राज्य सरकार द्वारा। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह सार्वजनिक रिकॉर्ड की बात है कि चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रहते हैं। अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं, तो अपने वोटर रजिस्ट्रेशन स्टेटस को मैनेज करना उनकी ज़िम्मेदारी थी। प्रवक्ता ने बताया कि चड्ढा पुरानी तारीख वाली वोटर लिस्ट जमा करके दिल्ली में वोटर के तौर पर रजिस्टर होने की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह सच है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
