गुरदासपुर। तरनतारन जिले के पट्टी थाना पुलिस ने शनिवार सुबह गुरदासपुर की एसडीएम व पीसीएस अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा को उनके सरकारी आवास पर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, अनुप्रीत रंधावा कटरा-अमृतसर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े 1.63 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। पुलिस की टीम ने शनिवार सुबह 7 बजे गुरदासपुर में उनके सरकारी आवास पर छापा मारा।
सरकारी धन के गबन का उक्त मामला उस समय का है जब अनुप्रीत कौर तरनतारन जिले के पट्टी सब-डिवीजन में एसडीएम पद पर तैनात थीं। आरोप है कि कटरा-अमृतसर एक्सप्रेसवे (एनएच-54) के निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण मुआवजे की 1.63 करोड़ रुपये की राशि ऐसे पांच लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई, जिनके नाम जमीन रिकॉर्ड में शामिल नहीं थे। जांच में पाया गया कि माल विभाग के रिकॉर्ड की सही जांच किए बिना ही भुगतान कर दिया गया।
इस मामले की शिकायत पट्टी के तत्कालीन एसडीएम नवराज सिंह बराड़ ने 5 सितंबर 2018 को तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल को भेजी, जिसमें कहा गया था कि 9 जनवरी 2018 से 11 फरवरी 2019 के बीच भूमि अधिग्रहण मुआवजे की राशि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई है। तब इस मामले की जांच शुरू हुई और 5 सितंबर 2019 को थाना सिटी पट्टी में आईपीसी की धारा 419, 420, 409 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि जिन पांच- जसबीर कौर, राजविंदर कौर, सरताज सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरजीत कौर के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया, उनके नाम जमीन रिकार्ड में नहीं हैं।
जांच में पाया गया कि तत्कालीन एसडीएम अनुप्रीत कौर के हस्ताक्षर के बाद ही संबंधित भुगतान जारी हुआ था। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई गई, जिसने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी। विशेष कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने अनुप्रीत कौर को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए और लंबे समय तक उन्हें फील्ड पोस्टिंग से दूर रखा गया। फिर भी, हाल ही में उन्हें गुरदासपुर में एसडीएम पद पर तैनात कर दिया गया था।
गुरदासपुर के एसडीएम अनुप्रीत रंधावा गिरफ्तार
