सीएम के आदेश के बाद भी दो माह से नहीं बढ़ाया गया कांट्रेक्ट मुलाजिमों का वेतन
आउटसोर्स ड्राइवरों, कंडक्टरों, वर्कशाप स्टाफ को 10 दिन में मिलेगा बकाया वेतन
चंडीगढ़। आखिरकार पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा दो माह पहले जारी आदेश को, बुधवार को मान ही लिया जब पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 की ओर से घोषित हड़ताल के तहत पनबस के 18 डिपुओं पर सुबह से ही कांट्रेक्ट मुलाजिमों ने काम बंद कर दिया। यूनियन मुख्यमंत्री द्वारा वेतन बढ़ाने संबंधी आदेश को लागू करने की लगातार मांग कर रही थी और विभाग भी चुप्पी साधे बैठा था।
यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल ने बताया कि इस साल 1 मई मजदूर दिवस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा डीसी रेट में 15% बढ़ोतरी करने के आदेश ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों को जारी किए थे। लेकिन अधिकारी बीते दो महीने से मुख्यमंत्री के आदेश पर चुप्पी साधे रहे। गिल ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को बार-बार मुख्यमंत्री के आदेश बारे याद दिलाया जाता रहा लेकिन कांट्रेक्ट मुलाजिमों के वेतन नहीं बढ़ाया गया। इसी कारण यूनियन के आह्वान पर बुधवार 8 जुलाई को सुबह 8 बजे हड़ताल शुरु करते हुए सभी डिपुओं के गेटों पर धरना लगा दिया गया।
फिरोजपुर डिपो के गेट पर मुलाजिमों को संबोधित करते हुए रेशम सिंह गिल ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों को भी नहीं मान रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जहां आउटसोर्स मुलाजिमों के वेतन में बढ़ोतरी का आदेश दिया वहीं आउटसोर्स भरती बंद करने का भी आदेश ट्रांसपोर्ट विभाग को दिया था।
यूनियन की तरफ से बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु किए जाने के बाद विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में पनबस के सभी डिपो मैनेजरों को पत्र जारी करके कहा गया है कि आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे ड्राइवर, कंडक्टर और वर्कशाप स्टाफ को नोटिफिकेशन के आधार पर न्यूनतम वेतन भत्ते और उसके अनुसार बनता बकाया 10 दिन के भीतर जारी कर दिया जाएगा। विभाग के इस लिखित फैसले के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली है।
