मोहाली बनेगा IT हब, सरकार निवेशकों को दे रही सहयोग: मुख्यमंत्री

सीएम ने चंडीगढ़ में नैसकॉम के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को यहां ‘नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिज कंपनीज)’ के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने के बाद कहा कि पंजाब तेजी से प्रमुख आईटी हब के रूप में उभर रहा है, जिसके तहत मोहाली एआई, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के लिए अग्रणी केंद्र बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा, मजबूत कुशल प्रतिभा पूल, कम कारोबारी लागतें, ‘इन्वेस्ट पंजाब’ और नई जीसीसी नीति 2026 प्रौद्योगिकी कंपनियों और नए निवेश के लिए मजबूत इको-सिस्टम तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब में अधिक निवेश लाने और अपने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बैठक की वीडियो क्लिप साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ मोहाली उत्तरी भारत में तेजी से पसंदीदा स्थान बन रहा है। ‘आप’ सरकार पंजाब में नया निवेश लाने और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है।” बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन मंत्री अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब प्रौद्योगिकी आधारित परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और राज्य में अगली पीढ़ी के लिए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए उभरते तकनीकी मॉडलों का लाभ उठाना चाहता है। मैं नैसकॉम को मोहाली में अत्याधुनिक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर में पंजाब के साथ साझेदारी करने और राज्य के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान देने का निमंत्रण देता हूं।”

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बहुराष्ट्रीय निगम पंजाब भर में, विशेष रूप से मोहाली में निवेश के लिए भारी रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मोहाली विश्व स्तरीय हवाई, रेल और सड़क संपर्क, उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, मानक शैक्षणिक संस्थान और भूमि की उपलब्धता के साथ अद्वितीय बुनियादी ढांचा पेश करता है। ये चीजें मोहाली को वैश्विक कंपनियों और प्रौद्योगिकी आधारित निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाती हैं।” उन्होंने कहा, “मोहाली में और इसके आस-पास छह विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थित हैं, जो वैश्विक कंपनियों को प्रतिभा पूल तक सीधी पहुंच देते हैं। कुशल मानव शक्ति, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और संपर्क का यह संयोजन कंपनियों को अपने कार्यों को स्थापित करने और विस्तार करने के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम प्रदान करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने राज्य के कृषि क्षेत्र में ए.आई. को शामिल करने के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, आई.आई.टी. रोपड़ और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के साथ हाथ मिलाया है। यह सहयोग किसानों की पैदावार बढ़ाने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट फार्मिंग मॉडल और भविष्यवाणी विश्लेषण को एकीकृत करने की दिशा में काम करेगा।”

 

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