केवल S.I.R. फॉर्म भरने वालों के नाम ही नई मतदाता सूची में शामिल होंगे
नई वोटर सूची में शामिल होने वाले लोग ही ले सकेंगे योजनाओं का लाभ
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के प्रत्येक योग्य मतदाता से मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वोट देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने और ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ के तहत मिलने वाले 1,000 रुपये प्रति माह के लाभ सहित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का निरंतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया में भाग लेना बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि S.I.R. फॉर्म जमा करने के बाद नई मतदाता सूची में केवल उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे, जो अपने वोट के अधिकार का उपयोग कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। लोगों को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि S.I.R. फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करने वाले व्यक्ति को आम आदमी पार्टी के स्थानीय स्वयंसेवकों से मदद लेनी चाहिए। लोगों के नाम संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हर पात्र मतदाता के लिए S.I.R. फॉर्म भरना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि आपका नाम नई मतदाता सूची में शामिल हो सके। यदि आपका नाम मतदाता सूची में नहीं आता है तो आप अपने वोट के लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे। मैं हर पंजाबी से अपील करता हूं कि वह इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करें और इस अनमोल अधिकार की रक्षा करें।”
पंजाब की महिलाओं को ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ की शुरुआत पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों से किया एक और बड़ा वादा पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री मान ने बताया, “18 वर्ष से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में जमा होने के बारे में नोटिफिकेशन मिलने शुरू हो गए हैं। पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस ऐतिहासिक पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा है।” मुख्यमंत्री ने आगे लोगों से अपील की कि वे इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी असली वोट मतदाता सूची में बनी रहे।
