ई-20 पेट्रोल : केजरीवाल लिखेंगे ऑटो कंपनियों और मोदी सरकार को चिट्ठी

कहा, मोदी सरकार ने लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए ऑटो कंपनियों से झूठ बुलवाया
ऑटो कंपनियों को लिखूंगा चिट्ठी, क्या माइलेज गिरने या पार्ट्स खराब होने की करेंगे भरपाई
पीएम को भी लिखेंगे चिट्ठी, किसी गाड़ी में खराबी आई तो क्या हर्जाना देगी सरकार या कंपनी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑटो कंपनियों मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प से झूठ बुलवाया कि ई-10 वाहन में ई-20 के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा। जबकि टोयोटा, मारुति सहित अन्य कंपनियों ने ओनर मैनुअल में माना है कि 10 फीसदी से ज्यादा एथेनॉल इस्तेमाल नहीं करना है, फिर भी दिक्कत आए तो इसे भी नहीं करना है। उन्होंने कहा- “मैं सभी ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखूंगा और लिखित में मांगूंगा कि ई-20 से गाड़ी की माइलेज गिरने या पार्ट्स खराब होने की भरपाई करने का आश्वासन दें। अगले हफ्ते मैं पीएम को भी चिट्ठी लिखूंगा और पूछूंगा कि अगर किसी गाड़ी में कोई दिक्कत आती है तो उसका हर्जाना सरकार देगी या कंपनी?”
मंगलवार को AAP मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर पार्टी के केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती ई-20 पेट्रोल थोप रही है। लोगों का जबरदस्त विरोध है, लेकिन इस विरोध के बावजूद केंद्र सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को मनाने और यह समझाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं कि वे ई-20 इस्तेमाल कर लें। केजरीवाल ने कहा कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बुलाया और कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जनता को बताएं कि ई-20 ठीक है। ये छह कंपनियां मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर कंपनी हैं। इन सभी से कहा गया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता को बताएं कि ई20 सही पेट्रोल है। अगर किसी का व्हीकल ई-10 है, तब भी ई-20 चलेगा। उनका व्हीकल ई-20 नहीं है, तब भी चलेगा। उनका व्हीकल अगर ई-0 या ई-5 पर चलने वाला है, तब भी ई-20 पेट्रोल चलेगा।
केजरीवाल ने बताया कि इन छह में से तीन कंपनियों ने सरकार को यह कहते हुए मना कर दिया कि वे इतना बड़ा झूठ नहीं बोल सकतीं। लेकिन मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने प्रेस कांफ्रेंस में जनता से झूठ बोला। इन तीनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर किसी का व्हीकल ई-0, ई-5 या ई-10 है और अगर वे उसमें ई-20 पेट्रोल डाल दें, तो कोई दिक्कत नहीं है। सिर्फ 5-7 फीसद माइलेज गिरेगी, लेकिन फ्यूल टैंक, फ्यूल सिस्टम और इंजन को कोई भी नुकसान नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा- ” मैं इन तीनों से कहना चाहता हूं कि अपने ग्राहकों को धोखा मत दो। अपने ग्राहकों से झूठ मत बोलो। सरकारें आती-जाती रहती हैं। वैसे भी यह सरकार अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। ग्राहक ही राजा होता है। अगर लोगों ने उनका माल खरीदना बंद कर दिया, तो उसके बाद वे कहां जाएंगे?”
केजरीवाल ने बताया कि भारत में 6 फरवरी 2023 को ट्रायल बेसिस पर पूरे देश के केवल 1900 पेट्रोल पंपों पर ई20 लाया गया था और मात्र 3 साल बाद, 1 अप्रैल 2026 को पूरे देश के 90 हजार पेट्रोल पंपों पर इसे जबरदस्ती थोप दिया गया। हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। सरकार की इस जिद्द की वजह से 30 करोड़ वाहन रिस्क पर हैं। इन 30 करोड़ वाहनों का कबाड़ा हो जाएगा।

क्या कहता है टोयोटा का ओनर मैनुअल?
केजरीवाल ने बताया कि टोयोटा का ओनर मैनुअल कहता है कि टोयोटा 10 फीसद तक एथेनॉल वाले पेट्रोल के इस्तेमाल की अनुमति देता है। उसमें नीचे नोट में लिखा है कि अगर लोग अल्कोहल मिला पेट्रोल इस्तेमाल करते समय अपने वाहन की ड्राइव करने की क्षमता या माइलेज से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें बिना अल्कोहल वाले पेट्रोल पर वापस आ जाना चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि 10 फीसद से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना है। 10 फीसद इस्तेमाल करने में भी अगर दिक्कत आए, तो वह भी इस्तेमाल नहीं करना है। यह बात टोयोटा के इनोवा हाइक्रॉस, फॉर्च्यूनर, ग्लैंजा, अर्बन क्रूजर, इनोवा क्रिस्टा समेत उनके सभी मॉडल के ओनर मैनुअल में लिखी हुई है।

क्या कहता है मारूति का ओनर मैनुअल?
केजरीवाल ने कहा कि मारुति ने भी सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर कहा कि ई10 व्हीकल में ई-20 इस्तेमाल कर लें। मारुति का मैनुअल कहता है कि बिना लेड वाले पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण, जिसे गैसोहोल भी कहा जाता है, कुछ क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। इस तरह के मिश्रण का उपयोग वाहन में किया जा सकता है, यदि उनमें 10 फीसद से अधिक एथेनॉल न हो। यानी 10 फीसद से कम एथेनॉल होना चाहिए। 10 फीसद से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना है। मारुति के बलेनो, डिजायर समेत सभी मॉडलों में यह लिखा हुआ है।

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