एसएएस नगर (मोहाली)। सीनियर कांग्रेसी नेता एवं पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी निराशा फैल चुकी है, जिसका राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धू ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के बकाये, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों व मेडिकल बिलों के भुगतान जैसी जायज़ मांगों के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशों को लागू करने की बजाय सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन दायर कर कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता अपनाया जा रहा है। कांग्रेसी नेता ने कहा कि आप ने विधानसभा चुनावों के दौरान कर्मचारियों से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद न तो पुरानी पेंशन योजना लागू की गई और न ही महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें जारी की गईं। उन्होंने बताया कि इस समय पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र और हरियाणा के कर्मचारियों की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद बनने वाले बकाये भी अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।
सिद्धू ने कहा कि किसी भी सरकार के प्रशासनिक ढांचे में कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा, “पंजाब के कर्मचारी राज्य की रीढ़ की हड्डी हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार उनके अधिकार समय पर न देकर उन्हें सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है।”
इस अवसर पर मार्केट कमेटी खरड़ के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरकेश चंद शर्मा मच्छली कलां और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल भी उपस्थित थे।
सरकार टकराव का रास्ता छोड़कर कर्मचारियों की जायज़ मांगें तुरंत माने – सिद्धू
