सुपवा दीक्षांत समारोह में 760 छात्रों को मिली डिग्री, राज्यपाल ने 35 को गोल्ड मेडल से नवाजा

वैश्विक साझेदारी बढ़ाते हुए हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने का किया आह्वान

चंडीगढ़। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के दूसरे दीक्षांत समारोह के मौके पर सोमवार को यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष विशिष्ट अतिथि के रूप में और प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व सीएम के ओएसडी डॉ. राज नेहरू मुख्य रूप से मौजूद रहे। समारोह के दौरान अलग-अलग बैच व कोर्स के 760 छात्रों को ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्रदान की गई।
स्नातक होने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है, जो आज 4 करोड़ से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है। हरियाणा ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रो. घोष ने डीएलसीसुपवा से वैश्विक कला संस्थानों के साथ साझेदारी सुदृढ़ करने तथा अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास हरियाणा को विश्व की कलात्मक विरासत में एक सम्मानित और प्रभावशाली योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कलाकार देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। हरियाणवी लोक परंपराएं, संगीत, रंगमंच व नृत्य को व्यापक सराहना मिल रही है। यह बढ़ती लोकप्रियता एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत है, जिसे जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों से कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह केवल आपकी शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि एक नए युग, नए अवसरों व नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। इस यूनिवर्सिटी में आपने जो ज्ञान, कौशल व संस्कार प्राप्त किए हैं, वह आपके जीवन भर आपका मार्गदर्शन करेंगे। डीएलसीसुपवा का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि वह ज्ञानवान, संवेदनशील, नैतिक व जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

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