एडवोकेट धामी बोले- शिरोमणि कमेटी पर सहयोग न करने का आरोप लगाना पूरी तरह झूठ
चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की 328 पावन बीड़ों से संबंधित मामले में पंजाब सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) को शिरोमणि कमेटी की ओर से समय-समय पर मांगा गया रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ सौंपा गया है और शिरोमणि कमेटी इस मामले में SIT का पूरा सहयोग कर रही है। यह बात गुरुवार को शिरोमणि कमेटी के चंडीगढ़ स्थित उप कार्यालय में SIT द्वारा मांगे गए दस्तावेजों की प्रतियां सौंपने के बाद कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही।
धामी ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से संबंधित इस मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब की निगरानी में हो रही है और शिरोमणि कमेटी द्वारा सरकार की बनाई जांच टीम को सहयोग भी श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुसार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 328 पावन बीड़ों के मामले में 7 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज होने के बाद पहली बार जांच टीम द्वारा 13 जनवरी 2026 को शिरोमणि कमेटी को पत्र प्राप्त हुआ था और शिरोमणि कमेटी ने मांगा गया रिकॉर्ड 29 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ स्थित उप कार्यालय में जांच टीम को सौंप दिया था। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को दोबारा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें 8 बिंदुओं संबंधी मांगी गई जानकारी 11 मार्च 2026 को जांच टीम को उपलब्ध करवा दी गई थी। इसी तरह 3 अप्रैल 2026 को जांच टीम द्वारा तीसरा पत्र भेजा गया, जिसके माध्यम से मांगे गए 18 बिंदुओं संबंधी रिकॉर्ड 27 अप्रैल 2026 को जांच टीम के सुपुर्द कर दिया गया। इस पूरे रिकॉर्ड की प्राप्ति की रसीद भी विधिवत ली गई है। उन्होंने कहा कि आज भी जांच टीम द्वारा मांगी गई बिल बुक और लेजर से संबंधित रिकॉर्ड की प्रतियां उन्हें सौंप दी गई हैं। शिरोमणि कमेटी प्रधान ने कहा कि जांच टीम द्वारा अदालत में यह हलफनामा दाखिल करना कि शिरोमणि कमेटी सहयोग नहीं कर रही, पूरी तरह झूठ है।
उन्होंने कहा कि सौंपे गए दस्तावेजों संबंधी वीडियो रिकॉर्ड भी उनके पास मौजूद है। यदि जांच टीम अदालत में गलत बयान देती रही तो ये वीडियो और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे।
