बिजली बिलों से एफएसए पूरी तरह खत्म करे भाजपा सरकार: संपत सिंह

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व बिजली एवं वित्त मंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली के बिलों में बढ़ोतरी करके जनता को लूट रही है। उन्होंने कहा कि 47 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज पहले ही लागू है। अब एक बार फिर से बिजली वितरण कंपनियों ने एचईआरसी में अतिरिक्त चार्ज लगाने की मांग की है, जो किसी भी रूप में उचित नहीं है।
संपत सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों की वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फ्यूल सरचार्ज (एफएसए) शुल्कों में रेगुलेशन 68 में छूट देकर अतिरिक्त चार्ज लगाने की मांग का कड़ा विरोध करते हुए वीरवार को एचईआरसी में एक याचिका दायर की है। इसमें एफएसए को पूरी तरह से खारिज करने और नियमों के उल्लंघन के लिए वितरण लाइसेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस याचिका पर जनसुनवाई 14 मई को होगी।
उन्होंने कहा कि एफएसए का उद्देश्य केवल ईंधन और बिजली खरीद लागत में वास्तविक उतार-चढ़ाव के लिए है, वह भी सख्त जांच के बाद। इसे बिजली वितरण कंपनियों के भ्रष्टाचार से उत्पन्न घाटों की भरपाई के लिए पीछे के दरवाजे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नियम स्पष्ट रूप से निर्धारित करते हैं कि फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट समायोजन दो महीने की समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए। अन्यथा ऐसे खर्चों की वसूली का अधिकार समाप्त हो जाता है।
उन्होंने अतिरिक्त शुल्कों के औचित्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अप्रभावी अल्पकालिक बिजली खरीद का खर्च उपभोक्ता क्यों वहन करें? उपभोक्ता हित सर्वोपरि होना चाहिए। यदि ऐसे मनमाने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज शुल्कों को अनुमति दी जाती है तो यह पूरे टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया को अर्थहीन बना देगा।

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